बाराबंकी, मार्च 8 -- रामसनेहीघाट। क्षेत्र के निस्कापुर छुलिहा में चल रहे पंचदिवसीय सत्संग समारोह एवं संत सम्मेलन के द्वितीय दिवस पर प्रसिद्ध कथावाचिका सुरभि त्रिवेदी ने श्रद्धालुओं को रामकथा का अमृतपान कराया। अपनी मधुर वाणी और भावपूर्ण प्रस्तुति से उन्होंने उपस्थित जनसमूह को भक्ति और श्रद्धा से सराबोर कर दिया। कथावाचन के दौरान उन्होंने कहा कि माता कैकेयी का त्याग ही भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम बनाने का सबसे बड़ा कारण बना। यदि माता कैकेयी ने राम को वनवास न दिया होता तो भगवान राम के त्याग, धैर्य, करुणा और आदर्शों का वह महान स्वरूप संसार के सामने प्रकट नहीं हो पाता। उन्होंने कहा कि रामकथा केवल एक धार्मिक प्रसंग नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाली दिव्य प्रेरणा है।सुरभि त्रिवेदी ने कहा कि भगवान राम ने 14 वर्ष का वनवास सहर्ष स्वीकार...