लखनऊ, अक्टूबर 11 -- कैंसर मरीजों को बेतहाशा पीड़ा होती है। कई बार मॉरफिन जैसी दवाएं भी बेअसर साबित हो जाती हैं। ऐसे मरीजों को पैलिएटिव केयर की जरूरत होती है। ऐसे कैंसर मरीजों को इलाज के साथ संवेदना की जरूरत होती है। इससे मरीज की पीड़ा को कम किया जा सकता है। यह बातें कैंसर संस्थान के निदेशक डॉ. एमएलबी भट्ट ने कही। वह शनिवार को संस्थान के प्रेक्षाग्रह में विश्व होस्पाइस और पैलिएटिव केयर दिवस पर सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। निदेशक डॉ. एमएलबी भट्ट ने कहा कि पैलिएटिव केयर में कैंसर मरीजों की समस्याओं को कम करने की दिशा में प्रयास किया जाता है। दवाओं के साथ संवेदनाओं और सहानभूति पूर्वक मरीज को राहत प्रदान की जाती है। केजीएमयू पेन क्लीनिक की प्रमुख डॉ. सरिता सिंह ने बताया कि पैलिएटिव केयर वह स्थिति है जब मरीज का रोग ठीक नहीं हो सकता है। उसके बच...