नई दिल्ली, अप्रैल 6 -- देश भर में हर साल करीब 15 लाख कैंसर के मामले सामने आते हैं। यह संख्या किसी टू या थ्री टियर सिटी की कुल आबादी के जितनी है। भारत में कैंसर एक बड़े स्वास्थ्य संकट के तौर पर सामने आ रहा है। इस बीच कई राज्यों में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की सूची से सैकड़ों कैंसर स्पेशलिस्ट्स को ही बाहर कर दिया गया है। इससे देश में एक संकट पैदा हो सकता है और आम लोगों को कैंसर के इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी का भी सामना करना पड़ सकता है। अब सवाल यह है कि ऐसा फैसला क्यों लिया गया है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि इन डॉक्टरों के पास पर्याप्त अनुभव और ट्रेनिंग तो है, लेकिन उनके पास नेशनल मेडिकल कमिशन से मान्यता प्राप्त डिग्री नहीं है। इन डिग्रियों में एमडी की डिग्री भी शामिल है। पैनल से हटाए गए डॉक्टरों को इस आधार पर बाहर किया ...