हल्द्वानी, फरवरी 3 -- ग्राउंड रिपोर्ट : विश्व कैंसर दिवस : - स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट दो साल बाद भी सिर्फ रेफरल सेंटर बनकर रह गया - संस्थान में रेडियोथेरेपी और कुछ मामलों में कीमोथेरेपी के अलावा नहीं मिलता उपचार - कैंसर की मामूली जांच रिपोर्ट मिलने में ही लगता हैं महीने से ज्यादा समय हल्द्वानी, वरिष्ठ संवाददाता राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में कुमाऊं समेत यूपी के मरीज इलाज के लिए आते हैं। सरकार से करोड़ों रुपये की ग्रांट पाने वाला यह इंस्टीट्यूट की रेफरल सेंटर के रूप में पहचान हो गई है। हालांकि इंस्टीट्यूट में डायरेक्टर समेत पांच विशेषज्ञ व पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ तैनात है। इंस्टीट्यूट प्रबंधन के मुताबिक यहां औसतन 40 से 50 की ओपीडी होती है और इतने ही मरीज भर्ती रहते हैं। मंगलवार को हिन्दुस्तान की टीम ने इंस्टीट्यूट ...