अल्मोड़ा, जनवरी 20 -- छावनी परिषद के चुनाव एक बार फिर टल गए हैं। दस फरवरी को वैरी बोर्ड का कार्यकाल खत्म हो रहा था। चुनाव टलने से एक बार फिर वैरी बोर्ड का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। 2020 से छावनी परिषद के चुनाव नहीं हो सके हैं। इस कारण बोर्ड की कमान वैरी बोर्डों के अधीन चल रही है। जनता की आवाज उठाने के लिए सदस्य मनोनीत किया जाता है। चुनाव में देरी के कारण पानी, बिजली, सफाई जैसी तमाम तरह की समस्याएं रहती हैं। रानीखेत छावनी के अधीन सात वार्ड हैं। यहां के नागरिक अब एकमात्र सदस्य को समस्याएं बताते हैं। इस कारण तमाम तरह की दिक्कतें होती हैं। इससे लोग कई सालों से निर्वाचित बोर्ड गठन की मांग कर रहे हैं। रानीखेत सहित देश के 56 छावनी बोर्डों का गठन एक बार फिर टल गया है। रक्षा मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें कहा गया है कि वै...
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