केस से निकले केस; जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा का फैसला केजरीवाल के लिए राहत या बढ़ेगा क्लेश
नई दिल्ली, मई 18 -- दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल को फरवरी के अंत में अदालती फैसले से मिली बड़ी राहत का जश्न पार्टी ठीक से मना भी नहीं पाई थी, और कानूनी जंग का एक नया दौर शुरू हो गया। कथित शराब घोटाले से जुड़े केस का सामना कर रहे अरविंद केजरीवाल अब आपराधिक अवमानना के मामलों में भी घिर गए हैं। उनके खिलाफ 'अदालत के अपमान' के आरोप में नया केस शुरू हो गया है, जबकि एक पहले से हाई कोर्ट में लंबित है। हालांकि, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के फैसले के बाद केजरीवाल ने 'सत्य की जीत' बताकर अपनी खुशी भी जाहिर की। ऐसे में आइए समझने की कोशिश करते हैं कि 'आप' सुप्रीमो के लिए इस फैसले के क्या मायने हैं।कहां से हुई शुरुआत दरअसल, इस पूरे मामले की शुरुआत उस वक्त हुई जब ट्रायल कोर्ट में अरविंद केजरीवाल, ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.