पटना, जून 17 -- किसी घटना का अनुसंधान कार्य अबतक फाइलों में ही रहता था। उसे थाना या संबंधित अधिकारी ही देख सकते थे, लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत अनुसंधान रिपोर्ट भी ऑनलाइन होगी। इससे फायदा होगा कि पीड़ित ऑनलाइन देख सकेंगे कि उसके केस में अनुसंधानकर्ता क्या रिपोर्ट कर रहा है। ऐसी स्थिति में वह अनुसंधान से जुड़े नये तथ्य या आपत्ति दर्ज करा सकता है। इसके अलावा अनुसंधान के पर्यवेक्षण अघिकारी भी ऑनलाइन जांच रिपोर्ट को देख सकेंगे। पटना के कई थाना क्षेत्रों में यह काम शुरू भी कर दिया गया है। अबतक थानों में दर्ज एफआईआर को ही ऑनलाइन किया जाता था। इससे थाना स्तर पर दर्ज होने वाली प्राथमिकी की जानकारी मिल जाती थी। यह भी पता चल जाता था कि किस थाने में किस प्रकार के अपराध अधिक हो रहे हैं। इसकी निगरानी और समीक्षा पुलिस मुख्यालय भी करता है, लेकिन कांडों ...