पूर्णिया, जनवरी 24 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता।किसानों को खेती लगाने में केसीसी एक अच्छा विकल्प है। लेकिन कृषि लोन आसानी से नहीं मिलने के कारण किसानों इसका फायदा नहीं उठा पा रहे है। बड़ी संख्या में किसान केसीसी के लिए आवेदन तो कर रहे हैं, लेकिन बैंक स्तर पर उनकी फाइलें अटकी पड़ी हैं। इससे किसान आर्थिक तंगी झेलने को मजबूर हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़े बताते हैं कि पूर्णिया जिले में केसीसी के नए और पुराने के नवनीकरण के लिए 71734 का लक्ष्य रखा गया जिसमें से 28529 पूरा हो सका। यह लक्ष्य का महज 41.73 प्रतिशत है। इस तरह किसानों के बीच 418.97 करोड़ का वितरण हुआ जबकि लक्ष्य 1004 करोड़ का था। किसानों की सबसे बड़ी समस्या है कि उनकी जमीन अभी भी पूर्वजों के नाम से जमीन है। इसके कारण एलपीसी अपने नाम से नहीं बन पा रहा है। केसीसी के लिए एलप...