बेगुसराय, जनवरी 23 -- बेगूसराय, हिन्दुस्तान संवाददाता। किसान क्रेडिट कार्ड के मामले में जागरुकता की कमी के कारण अधिकतर किसानों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। अगर समय पर राशि बैंक को लौटा दी जाती है तो किसानों को महज चार प्रतिशत ही सालाना ब्याज देना पड़ता है लेकिन मौजूदा स्थिति में 95 फीसदी केसीसी खाताधारक किसानों के यहां निर्धारित से अधिक बकाया है जिसके चलते इसका नवीकरण भी नहीं हो पा रहा है। वहीं, जिले में 40 प्रतिशत केसीसी खाता एनपीए हो चुका है। यह जानाकरी देते हुए अग्रणी जिला प्रबंधक प्रशांत मिश्र ने बताया कि नया केसीसी लेने के लिए आवेदक के नाम से एलपीसी यानी जमाबंदी अनिवार्य है लेकिन ज्यादातर आवेदकों के पूर्वजों के नाम जमाबंदी है जिससे बैंक प्रबंधन उन्हें केसीसी निर्गत करने में असमर्थता जता रहे हैं। बैंक अधिकारियों ने बताया क...