केवल स्वयं को मनोवैज्ञानिक घोषित करना पर्याप्त नहीं
मेरठ, अगस्त 23 -- मेरठ। मानसिक स्वास्थ्य मिशन इंडिया एवं चौ.चरण सिंह विवि के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी : एडवांस एप्लीकेशन ऑन एंजाइटी, डिप्रेशन एंड ओसीडी विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन प्रो.गौरीशंकर कालोलिया एवं डॉ.अभिषेक बंगा ने किया। मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. संजय कुमार ने कहा कि संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा मनोवैज्ञानिकों के लिए सबसे उन्नत एवं प्रभावी मनोचिकित्सकीय विधियों में से एक है। किसी मनोवैज्ञानिक की दक्षता और व्यावसायिक क्षमता का आकलन इस बात से किया जा सकता है कि उसे संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा का कितना व्यावहारिक ज्ञान और कौशल प्राप्त है। मानसिक स्वास्थ्य मिशन इंडिया की निदेशक डॉ.शिल्पी राजपूत ने कहा कि आज देश में 15 करोड़ से ज्यादा लोग मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से प्रभावित ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.