नई दिल्ली, सितम्बर 6 -- नई दिल्ली। कड़कड़डूमा स्थित मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने एक फैसले में कहा कि किसी सड़क दुर्घटना मामले में केवल चार्जशीट दाखिल हो जाना मुआवजा दिलाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं माना जा सकता। पीठासीन अधिकारी विजय कुमार झा की कोर्ट ने पांच सितंबर के आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता यह साबित करने में असफल रहा कि संबंधित ट्रक ही दुर्घटना में शामिल था और उसके चालक की लापरवाही से हादसा हुआ था। इसी आधार पर कोर्ट ने हादसे में अपना पैर गंवाने वाले युवक की मुआवजा याचिका खारिज कर दी।

मामले का विवरण मामला घायल राहुल की याचिका से जुड़ा है, जिसने दावा किया था कि 11 जनवरी 2020 को उत्तर प्रदेश के सिकंदराबाद बाईपास चौराहे पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने उसकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी। हादसे में उसका दाहिना पैर बुरी तरह कुचल गय...