दरभंगा, जून 24 -- शेष नारायण झा,केवटी। रैयाम चीनी मिल के निर्माण और उसके चलाने के लिए उपयुक्त क्षमता के अनुरूप आपूर्ति बिजली की चर्चाओं के बीच क्षेत्र की बदहाल विद्युत व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब वर्तमान में पंडौल ग्रिड से केवटी के लिए लाई गई 33 हजार केवी लाइन केवटी और जलवारा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े करीब 50 हजार उपभोक्ताओं का बिजली भार वहन करने में सक्षम नहीं है, तो भविष्य में रैयाम चीनी मिल को उसकी आवश्यकता के अनुरूप निर्बाध बिजली आपूर्ति कैसे संभव हो पाएगी। स्थानीय उपभोक्ताओं के अनुसार, मौजूदा समय में ओवरलोड की समस्या के कारण प्रत्येक एक-दो दिन पर 33 केवी का जर्जर तार जगह-जगह जल जाता है या पिघलकर टूट जाता है। इसके बाद मरम्मत कार्य में चार से पांच घंटे तक का समय लग जाता है, जिससे हजारों उ...