नई दिल्ली, मई 4 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। देश के कई राज्यों में और केंद्रीय स्तर पर कभी मजबूत पकड़ रखने वाली लेफ्ट पार्टी अब अपने सबसे बड़े अस्तित्व संकट से गुजर रही है। केरल में हार के साथ ही वामदलों का आखिरी सियासी दुर्ग भी ढह गया है। इसके बाद देश के किसी भी राज्य में अब वामपंथी दलों की सरकार नहीं बची है। साल 2021 के विधानसभा चुनाव में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 140 में से 99 सीटें जीतकर इतिहास रचा था। वहीं, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) को 41 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा था। यह 50 वर्षों में पहली बार था जब केरल में किसी सत्ताधारी सरकार की लगातार दूसरी बार वापसी हुई थी। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने उस समय वामपंथ के किले को मजबूती से संभाले रखा था, लेकिन अब सियासी परिस्थितियां एकदम उलट गई हैं। क...