नई दिल्ली, मार्च 31 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। भाजपा की पहुंच से सबसे दूर रहे केरल में पार्टी इस बार नई रणनीति से चुनाव मैदान में हैं। सभी प्रमुख नेताओं को चुनाव मैदान में उतारने के साथ पार्टी वोट प्रतिशत के बजाय सीटों की संख्या को बढ़ाने पर काम कर रही है। इसके लिए वह राज्य के सामाजिक समीकरणों के साथ व्यापारिक समुदाय को भी साध रही है, जिसे भाजपा की नीतियों से ज्यादा लाभ मिलने की उम्मीद है। भाजपा को केरल में फिलहाल अपनी जड़ें जमानी है। विधानसभा में खाता खोलने के साथ कुछ सीटें चाहिए ताकि अगले चुनाव तक वह यूडीएफ या एलडीएफ में किसी एक गठबंधन से आगे निकलकर अपने एनडीए को बतौर विकल्प पेश कर सके। इसके लिए पार्टी ने सामाजिक समीकरणों में ईसाई समुदाय को साधने की कोशिश की है और हिंदू समुदाय का भी भरोसा जीतने की कोशिश कर रही है। इनके साथ उसके एजें...