नई दिल्ली, अक्टूबर 14 -- पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित आदिवासी किसान चेरुवयल रमन का बुधवार को 74 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने केरल में धान की पारंपरिक किस्मों को बचाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था। परिवार के सूत्रों ने यह जानकारी दी। मनानथावडी के कम्मनाम के रहने वाले रमन, धान की 45 से ज्यादा ऐसी देसी किस्मों को बचाने के लिए जाने जाते थे, जो खत्म होने की कगार पर थीं। उन्होंने दशकों तक पारंपरिक जैविक खेती के तरीकों को अपनाया और इलाके की कृषि विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का काम किया।

देसी धान की किस्मों का संरक्षण 6 जून 1952 को थलक्करा चेरिया रमन के रूप में जन्मे, उन्होंने 10 साल की उम्र में पूरी तरह से खेती पर ध्यान देना शुरू कर दिया था। खेती के प्रति उनका जुनून ऐसा था कि उन्होंने 1969 में कन्नूर डीएमओ ऑफिस में ...