नई दिल्ली, जुलाई 29 -- कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार को राज्य सरकार से जवाब मांगा कि वह बताए कि कथित कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) भर्ती घोटाले की जांच सीबीआई को क्यों नहीं सौंपी जानी चाहिए। जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने चयन प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के याचिकाकर्ताओं के आरोपों को दर्ज किया और कहा कि शिकायत में उम्मीदवारों के चयन के तरीके के बारे में विस्तृत आरोप शामिल थे। कोर्ट ने गौर किया कि याचिकाकर्ताओं ने सीबीआई जांच की मांग की थी और तर्क दिया था कि पिछली जांचों को देखते हुए सीआईडी जांच पर भरोसा नहीं किया जा सकता। राज्य लोक अभियोजक (एसपीपी) को जवाब देने का निर्देश देते हुए कोर्ट ने कहा कि माननीय एसपीपी को यह बताना चाहिए कि इस मामले की जांच सीबीआई को क्यों नहीं सौंपी जानी चाहिए।

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