गया, फरवरी 7 -- मगध विश्वविद्यालय के हिन्दी भवन स्थित प्रेमचंद सभागार में शनिवार को 'समकालीन हिन्दी कविता : केदारनाथ सिंह का विशेष संदर्भ' विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें शामिल बतौर मुख्य अतिथि विश्वभारती विश्वविद्यालय शांतिनिकेतन के हिन्दी विभाग के प्रो. मुक्तेश्वरनाथ तिवारी ने कहा कि केदारनाथ सिंह की कविता मनुष्येतर जीवों को केंद्र में लाती है। उनकी रचनाओं में पशु-पक्षी, नदियां, तालाब, खेत-खलिहान जैसी दुनिया प्रमुखता से उपस्थित है। जो सामान्यतः साहित्य के मुख्य विषय नहीं माने जाते। प्रो. तिवारी ने कहा कि अंधाधुंध विकास के दौर में केदारनाथ सिंह की कविता हमें सतत और धारणीय विकास की ओर देखने को विवश करती है। लघुतर की महत्ता की जमीनी अभिव्यक्ति केदारनाथ सिंह की कविताओं में स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने कुत्ते और कानी कुतिया से जुड़...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.