नई दिल्ली, जुलाई 29 -- Shukra Gochar 2026 August: शुक्र-केतु वर्तमान में सिंह राशि में विराजमान हैं, जिससे दोनों ग्रहों की युति बन रही है। ज्योतिष गणना के अनुसार, 1 अगस्त 2026 को शुक्र सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में आ जाएंगे। शुक्र के कन्या राशि में आते ही केतु के साथ युति भंग या खत्म हो जाएंगी। पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, शुक्र और केतु का मेल भोग और त्याग का अनोखा संगम है। शुक्र भौतिक सुख, प्रेम, सौंदर्य और ऐश्वर्य के कारक हैं। जबकि केतु भ्रम, अध्यात्म और आकस्मिक घटनाओं का कारक माना जाता है। जब शुक्र केतु के प्रभाव या मायाजाल में आते हैं, तो व्यक्ति के भौतिक सुखों के बीच शून्यता महसूस होती है। पंडित उपाध्याय बताते हैं कि अब शुक्र केतु के प्रभाव दूर जा रहे हैं, जिसका जनमानस पर अत्यंत शुभ प्रभाव पड़ेगा। शुक्र-केतु की युति टूटने स...