फिरोजाबाद, नवम्बर 23 -- कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में पीएम पोषण योजना के तहत छात्राओं को परोसे जाने वाले मिड-डे-मील की गुणवत्ता परखी जाएगी। शासन स्तर से इसकी जिम्मेदारी जिलाधिकारी द्वारा गठित की गई समिति को सौंपी गई है। जो नमूना संकलित करते हुए जांच भी कराएगी। रिपोर्ट मानक पर खरी नहीं उतरने पर वार्डन और स्टाफ पर कार्रवाई की जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जिले में तीन कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इनमें गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की 300 छात्राएं कक्षा छह से आठवीं तक की पढ़ाई कर रही हैं। इन सभी के खाने और रहने का खर्चा शासन द्वारा उठाया जाता है। इन्हें प्रत्येक दिन मैन्यू के हिसाब से नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराया जाता है। मिड-डे-मील में उपयोग होने वाले खाद्य पदार्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.