लखनऊ, सितम्बर 24 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) के निरीक्षण में शिक्षा विभाग के अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। गरीब परिवार के बेटियों को मुफ्त आवासीय शिक्षा देने को खोले गए इन स्कूलों का निगरानी तंत्र मजबूत नहीं है। शिक्षाधिकारी महीने भर में तय स्कूलों में से अधिकतम 37 प्रतिशत विद्यालयों का ही निरीक्षण कर पाए। ऐसे में अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी गई है।

यूपी के केजीबीवी की स्थिति यूपी में 746 केजीबीवी हैं और हर महीने अधिकारियों को निरीक्षण करने के लिए लक्ष्य दिए गए हैं। छात्राओं की सुरक्षा से लेकर उनके पठन-पाठन और मिल रही सुविधाओं की जांच का जिम्मा इन्हें दिया गया है। अभी 73 जिलों में केजीबीवी हैं और सभी जिलों के बीएसए को हर महीने न्यूनतम चार-चार विद्यालयों का निरीक्षण करने का जिम्मा दिया गया है। ऐस...