लखनऊ, अप्रैल 4 -- केजीएमयू परिसर में छह मजारों को हटाने का रास्ता साफ हो गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इन मजार के प्रबंधकों को दो बार नोटिस भेजकर जमीन से जुड़े दस्तावेज और कानूनी स्वामित्व के सुबूत मांगे थे। लेकिन अब तक एक को छोड़ बाकी किसी ने भी मजार को लेकर न तो दस्तावेज पेश किए। न ही कोई सुबूत। ऐसी दशा में मजारों को अवैध मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। केजीएमयू प्रशासन ने बताया कि सिर्फ न्यू ऑर्थोपेडिक विभाग में स्थित एक मजार की ओर से जवाब दिया गया। लेकिन उसमें भी जमीन के आवंटन या मालिकाना हक से जुड़े कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके बाद उन्हें दोबारा आवश्यक प्रमाण देने का मौका दिया गया, लेकिन फिर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अब सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के तहत सभी संबंधित पक्षों को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया गया। पहले ...