लखनऊ, जून 20 -- केजीएमयू के ऑर्थोपेडिक (हड्डी रोग) विभाग के एक रेजिडेंट डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि डॉक्टर ने बेहतर और सस्ते इलाज का झांसा देकर केजीएमयू में भर्ती एक महिला मरीज को गुपचुप तरीके से कृष्णा नगर स्थित एक निजी अस्पताल में शिफ्ट करा दिया। वहां गलत ग्रुप का खून चढ़ने से मरीज की हालत बिगड़ गई। आनन-फानन रेजिडेंट डॉक्टर के कहने पर महिला मरीज को गंभीर अवस्था में ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। जहां शनिवार को इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई। पीड़ित परिवार ने चौक पुलिस को तहरीर देकर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी और लापरवाही का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। 50 हजार में बेहतर इलाज का दिया था झांसा

इलाज के दौरान समस्याएँ बीते दिनों अंबेडकर नगर निवासी कमलेश देवी गिर गई थीं। जिसकी वजह से उनके कूल्हें में फ्रैक्चर हो गया था। पति विनय...