लखनऊ, अक्टूबर 6 -- केजीएमयू कार्यपरिषद में आरक्षण व्यवस्था के तहत पहली बार दो सदस्यों को नामित किया गया है। प्रदेश सरकार ने आदेश जारी कर दिया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह निर्णय लिया गया है। केजीएमयू कार्यपरिषद में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से एक-एक वरिष्ठतम आचार्य को शामिल किया जाना है। इसके तहत केजीएमयू की ओर से 31 जुलाई को भेजे गए प्रस्ताव पर शासन ने दो नामों को मंजूरी दी है। पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. जिलेदार रावत को अनुसूचित जाति वर्ग से कार्यपरिषद सदस्य नामित किया गया है। वहीं फिजियोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. ऋतुवा सिंह को अन्य पिछड़ा वर्ग से सदस्य बनाया गया है। चिकित्सा शिक्षा अनुभाग-2 की विशेष सचिव कृतिका शर्मा ने नियमानुसार आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आदेश की प्रतियां कुलपति, कुलसचिव और संब...