नई दिल्ली, अप्रैल 23 -- दिल्ली की साकेत कोर्ट ने भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज को राहत देते हुए आम आदमी पार्टी व उसके नेताओं सौरभ भारद्वाज और अंकुश नारंग को निर्देश दिया है कि वे 18 अप्रैल के विरोध-मार्च से जुड़े उन कथित मानहानिकारक वीडियो को हटा दें, जिनमें भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज को निशाना बनाया गया है। अदालत ने माना कि इन वीडियो का लगातार प्रकाशन उनकी प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति पहुंचाएगा। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (दक्षिण) गुरविंदर पाल सिंह ने गुरुवार को साकेत कोर्ट में फैसला सुनाते हुए इन वीडियो को आगे शेयर करने पर भी रोक लगा दी, और स्वराज को यह अनुमति दी कि अगर 48 घंटों के भीतर यह कंटेंट नहीं हटाया जाता है, तो वे संबंधित प्लेटफॉर्म्स से संपर्क कर सकती हैं। मामले की अगली सुनवाई 13 मई, 2026 को तय की गई है। यह विवाद 19 अप्रैल, 2026...
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