पीलीभीत, नवम्बर 1 -- नगर में चल रहे श्रीरामलीला मेले में शनिवार को केकई वरदान मांगने की लीला का मंचन किया गया। वृंदावन के ब्रज बिहारी आदर्श रामलीला नाट्य मंच पर कलाकारों ने दिखाया कि राम विवाह के बाद राजा दशरथ अपने बेटे राम को गद्दी सौंपना चाहते थे। इसके लिए अयोध्या में तैयारी शुरू हो जाती हैं। सब लोग खुशी मनाते हैं और राम की तीनों माताएं भी खुश हैं। तभी रानी केकई के पास उनकी दासी मंथरा पहुंचती है और श्रीराम के खिलाफ उनके कान भर देती है। वह कहती है कि यदि राम को सिंहासन मिल गया तो वह दासी बनकर रह जाएगी। इसलिए राजा दशरथ से राम के लिए 14 साल का वनवास मांगे। इसके बाद केकई राजा दशरथ के पास जाती है और राम के लिए 14 साल का वनवास और अपने बेटे भरत के लिए अयोध्या का सिंहासन मांगती है। यह सुनकर राजा दशरथ व्यथित हो जाते हैं, लेकिन केकई अपने वचन को प...