नई दिल्ली, फरवरी 12 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। केंद्र सरकार बुनियादी ढांचा क्षेत्र में काम कर रहे लाखों श्रमिकों को 'मास्टर ट्रेनर' बनाने जा रही है। उनके लिए कौशल विकास कार्यक्रम चलाया जाएगा। दावा है कि हुनरमंद श्रमिक अकुशल श्रमिकों की तुलना में 30 फीसदी तक अधिक कमाई करेंगे। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसकी शुरुआत राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों से होने जा रही है। योजना की खासियत यह है कि इसमें बाहर से प्रशिक्षक नहीं आएंगे, बल्कि अनुभवी श्रमिकों को ही उनकी दक्षता के आधार पर मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। देश के बुनियादी ढांच क्षेत्र में यह अब तक का सबसे बड़ा कौशल विकास अभियान माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि अगले कुछ वर्षों में देश के लगभग 10 लाख से अधिक श्रमिकों को प्रत्यक्ष रू...