नई दिल्ली, अगस्त 12 -- केंद्र सरकार ने देश में लगातार बढ़ रहे तापमान और भीषण गर्मी के संकट को देखते हुए एक ऐतिहासिक और संवेदनशील फैसला लिया है। यानी केंद्र सरकार ने लू (हीटवेव) को एक 'अधिसूचित प्राकृतिक आपदा' (Notified Natural Calamity) के रूप में मान्यता दे दी है। यह फैसला देश के उन करोड़ों अत्यंत संवेदनशील लोगों के लिए उम्मीद की एक नई किरण लेकर आया है, जो हर साल चिलचिलाती धूप और जानलेवा गर्मी का सामना करने को मजबूर होते हैं। चाहे वे मजदूर हों या बेसहारा गरीब या दोहरी शिफ्ट में काम करने वाले दिहाड़ी मजदूर या तंग बस्तियों में रहने वाले लोग। अब इस ऐतिहासिक कदम के बाद राज्य सरकारें गर्मी से लोगों की जान बचाने और उन्हें राहत पहुंचाने के लिए विशेष केंद्रीय आपदा फंड का उपयोग कर सकेंगी। 4 अगस्त को भारत ने लू और बिजली गिरने की घटना को प्राकृतिक ...