नई दिल्ली, अक्टूबर 29 -- मुंबई की एक अदालत में गुरुवार को केंद्र सरकार ने वोक्सवैगन के खिलाफ 1.2 अरब डॉलर के रिकॉर्ड टैक्स की मांग का बचाव किया। केंद्र सरकार का कहना है कि इस जर्मन कंपनी ने कभी भी समय पर जरूरी जानकारी नहीं दी, जबकि कार निर्माता कंपनी का तर्क है कि यह मांग कई साल की देरी से आई है। केंद्र का आरोप है कि वोक्सवैगन ने कई सालों तक अपने ऑटो इम्पोर्ट (आयात) की कीमत कम करके बताई और पूरा टैरिफ (शुल्क) नहीं चुकाया। यह मामला कार निर्माता कंपनी के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गया है, जो फिलहाल भारत में अपने कारोबार में हिस्सेदारी बेचने के लिए भारतीय कंपनी जेएसडब्ल्यू के साथ बातचीत कर रही है। दुनिया के तीसरे सबसे बड़े कार बाजार में लगभग 2 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली वोक्सवैगन ने इन आरोपों से इनकार किया है। कंपनी ने पहले कहा था कि यह मामला उस...