रायबरेली, अगस्त 1 -- हरचंदपुर संवाददाता। थानाक्षेत्र स्थित ओई गांव के टीले पर शनिवार को केंद्रीय पुरातत्व विभाग की सात सदस्यीय टीम दोबारा जांच के लिए पहुंची। इस दौरान ग्रामीणों में उत्सुकता का माहौल बना रहा। टीम ने कई घंटे तक पूरे 85 बीघा टीले की जांच-पड़ताल की। इसके बाद पूर्व प्रधान के घर जाकर प्राचीन अवशेषों का गहन परीक्षण किया। अधिकारियों ने इन्हें प्रथम दृष्टा लगभग दो हजार वर्ष पुराने कुषाणकालीन अवशेष होने की संभावना जताई है। हालांकि इसकी पुष्टि वैज्ञानिक परीक्षण, कार्बन डेटिंग और विस्तृत शोध के बाद ही होगी। दहिगवां मजरे ओई गांव निवासी गुरुदेई मौर्य के खेत में 23 जुलाई को लगातार बारिश के कारण गहरा गड्ढा बन गया था। गड्ढे के भीतर सुरंग जैसी संरचना दिखाई देने के बाद मामला प्रशासन के संज्ञान में आया। एसडीएम महराजगंज चंद्र प्रकाश गौतम की र...