अमरोहा, दिसम्बर 10 -- नगर के बड़ा गणेश आश्रम के सामने चल रही सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा के तीसरे दिन बुधवार को कथा व्यास श्रीहित आकाश ने सुदामा चरित्र का वर्णन सुनाया। कहा कि मित्रता कैसे निभाई जाए, यह भगवान श्रीकृष्ण व सुदामा से समझ सकते हैं। बताया कि सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर मित्र कृष्ण से मिलने द्वारिका पहुंचे। द्वारपालों ने सुदामा को भिक्षा मांगने वाला समझकर रोक दिया। तब उन्होंने कहा कि वह कृष्ण के मित्र हैं। इस पर द्वारपाल ने प्रभु से कहा कि कोई उनसे मिलने आया है और अपना नाम सुदामा बता रहा है। जैसे ही द्वारपाल के मुंह से उन्होंने सुदामा का नाम सुना प्रभु सुदामा-सुदामा कहते हुए तेजी से द्वार की तरफ भागे। सामने सुदामा सखा को देख उन्होंने अपने सीने से लगा लिया। सुदामा ने भी कन्हैया-कन्हैया कहकर उन्हें गले लगाया। दोनों की ऐसी मित्रत...
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