शामली, फरवरी 17 -- खोडसमा गांव में मंगलवार को श्रीमद्भागवत कथा का समापन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में हुआ। अंतिम दिन कृष्ण-सुदामा प्रसंग का वाचन किया गया तथा इसके उपरांत आकर्षक झांकी निकाली गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास क्षेत्र के श्रद्धालु मौजूद रहे। कथा व्यास आचार्य संजीव कुमार महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का मार्मिक वर्णन करते हुए बताया कि सच्चे संबंध धन-वैभव से नहीं, बल्कि प्रेम और विश्वास से बनते हैं। उन्होंने कहा कि सुदामा की निर्धनता और श्रीकृष्ण की करुणा यह संदेश देती है कि भगवान अपने भक्त के भाव को देखते हैं, न कि उसके बाहरी रूप को। जैसे ही सुदामा मिलन का प्रसंग आया, कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और पांडाल में शांति छा गई। कथा के बाद गांव में कृष्ण-सुदामा की झांकी निकाली गई। झांकी के स...