कन्नौज, जनवरी 6 -- छिबरामऊ, संवाददाता। क्षेत्र के महुआ नगला गांव में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के दिव्य विवाह की कथा का रसपान हुआ। प्रसिद्ध कथावाचक संगम शास्त्री जी ने अपने मधुर श्रीमुख से इस पावन कथा का वर्णन किया, जिसमें श्रीकृष्ण द्वारा रुक्मिणी का हरण और उनके विवाह की लीला का भावपूर्ण चित्रण किया गया। कथा सुनते हुए सैकड़ों भक्तों की आंखें नम हो गईं और मन भक्ति रस में डूब गया। पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु बार-बार श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी एवं जय रुक्मिणी बल्लभ के जयकारे लगाते रहे। कथा के दौरान भगवान की लीलाओं का ऐसा प्रभाव पड़ा कि पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी कृष्ण-रुक्मिणी के प्रेम और समर्पण की कथा से अभिभूत होकर रसपान करते नजर आए। आयोजकों के अनुसार यह सप्ताहिक भा...
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