विकासनगर, जुलाई 13 -- सेलाकुई, संवाददाता। जमनपुर के ओंकारेश्वर मंदिर में चल रही भागवत कथा के छठे दिन सोमवार को भगवान की रास लीलाओं और कृष्ण-रुक्मणी विवाह प्रसंग सुनाया। बताया कि भगवान की रास लीला तो जीव का शिव के मिलन की कथा है। यह काम को बढ़ाने की नहीं काम पर विजय प्राप्त करने की कथा है। कथा व्यास नित्यानंद सेमवाल ने कहा कि रास लीला में जीव का शंका करना या काम को देखना ही पाप है। गोपी गीत पर बोलते हुए कृपाराम महाराज ने कहा जब जीव में अभिमान आता है भगवान उनसे दूर हो जाता है लेकिन जब कोई भगवान को न पाकर विरह में होता है तो श्रीकृष्ण उस पर अनुग्रह करते है उसे दर्शन देते हैं। भगवान श्रीकृष्ण के विवाह प्रसंग को सुनाते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का प्रथम विवाह विदर्भ देश के राजा की पुत्री रुक्मणि के साथ संपन्न हुआ। लेकिन रुक्मणि से श्रीकृष्ण...