गुमला, जून 24 -- गुमला, संवाददाता। बदलते मौसम और अनियमित बारिश के कारण खेती के सामने खड़ी चुनौतियों को देखते हुए बुधवार को कृषि विज्ञान केंद्र गुमला और विकास भारती द्वारा निकरा परियोजना के तहत बुधवार को विशुनपुर में खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया।

किसानों को आवश्यक सुझाव गोष्ठी में किसानों को बताया गया कि जलवायु परिवर्तन के दौर में खेती को बचाने और उत्पादन बनाए रखने के लिए पारंपरिक तरीकों के साथ वैज्ञानिक और टिकाउ कृषि पद्धतियों को अपनाना जरूरी हो गया है। कार्यक्रम में केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. बृजेश पाण्डेय ने कहा कि खेती की लागत कम करने और खेतों की उर्वरता बनाए रखने के लिए मृदा जांच, हरी खाद, जैविक खाद और फसल चक्र जैसी तकनीकों का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल उत्पादन बढ़ाना ही नहीं,बल्कि मिट्टी ...