मधुबनी, सितम्बर 5 -- मधुबनी, नगर संवाददाता। रासायनिक खाद के अधिक इस्तेमाल से बंजर हो रही जिले की धरती को फिर से उपजाऊ बनाने के लिए परम्परागत कृषि विकास योजना वरदान बनकर आई है। कृषि विभाग ने इस योजना को जिले के हर प्रखंड में लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। ताकि मिथिला की पहचान पान, मखाना, धान और सब्जी की खेती को जैविक ब्रांड मिल सके। जिला कृषि पदाधिकारी के अनुसार केंद्र सरकार की यह योजना वर्ष 2015 में शुरू की गई थी। लेकिन मधुबनी में अब इसे बड़े पैमाने पर विस्तार दिया जा रहा है। योजना के तहत गांवों में 20 हेक्टेयर का एक क्लस्टर बनाया जाएगा। एक क्लस्टर में कम से कम 50 किसान होंगे। जिले के बेनीपट्टी, बाबूबरही, मधेपुर, हरलाखी, जयनगर, बासोपट्टी जैसे प्रखंडों में जहां जैविक खेती की परम्परा रही है, वहां पहले चरण में क्लस्टर बनाने का लक्ष्य है।...