नई दिल्ली, जनवरी 21 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। कृषि भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की प्रक्रिया सरल की गई है। ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने इसकी घोषणा करते कहा कि दिल्ली को देश की सोलर कैपिटल बनाने की दिशा में यह ऐतिहासिक कदम है। इस संबंध में दिल्ली सरकार के विधि विभाग, राजस्व विभाग और डीडीए से समन्वय कर कानूनी बाधाओं को दूर किया है। मंत्री ने बताया कि वर्षों से जटिल भूमि नियमों के कारण सौर ऊर्जा की संभावना सीमित थी। विभाग ने स्पष्ट किया कि एलिवेटेड सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने से दिल्ली भूमि सुधार अधिनियम 1954 का उल्लंघन नहीं होता। नए निर्देश के तहत भूमि उपयोग परिवर्तन की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है। अब राजस्व विभाग भूमि धारकों से सिर्फ अंडरटेकिंग लेगा। इससे किसान अपने खेतों में एलिवेटेड सौर ऊर्जा संयंत्र लगाकर नीचे परंपरागत खेती कर सकते हैं...