गोरखपुर, मार्च 28 -- गोरखपुर। दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज के रसायनशास्त्र विभाग की ओर से आर्टिफिशियल फोटोसिंथेसिस विषय पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। एमएमएमयूटी के रसायनशास्त्र के प्रो. डॉ. राजेश कुमार यादव ने कहा कि कृत्रिम प्रकाश संश्लेषण वह प्रक्रिया है, जिसमें वैज्ञानिक प्राकृतिक प्रकाश संश्लेषण की पुरानी विधि को कृत्रिम विधियों द्वारा सूर्य के प्रकाश पानी और कार्बन डाईआक्साइड से ईंधन तथा उपयोगी रसायन बनाते हैं। इसका उपयोग करके स्वच्छ ईंधन उत्पादन, प्रदूषण कम करना सौर ऊर्जा का भण्डारण एवं भविष्य में पेट्रोल-डीजल का विकल्प बनाने की तैयारी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि वैश्विक ऊर्जा पर अधिकार प्राप्त करने की नीति, जो वैश्विक परिदृश्य में दिख रही है उस पर कृत्रिम ऊर्जा स्रोत के तहत काम क...