बाराबंकी, अप्रैल 12 -- सफदरगंज, बाराबंकी। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते प्रतापगंज माइनर की सफाई में सिर्फ खानापूर्ति ही की गई। नहरों की सिल्ट और कूड़ा सफाई के दौरान नहर व सड़क पटरी पर डाल देने के बाद उठाना भूल जाते हैं। आधी अधूरी माइनर की सफाई होने से नहर सिल्ट दोबारा माइनर में गिर गई, पटरियों पर झांड झंखाड़ और स्थानीय लोगों ने कूड़ा डालकर माइनर पाट दिया। ऐसे में टेल तक पानी न पहुंच पाने से सैकड़ों किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। नहर के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने का विभाग का दावा फेल हो गया। किसानों की शिकायतों के बावजूद भी पटी माइनर की खुदाई तक नहीं कराई गई। शारदा सहायक बाराबंकी शाखा से प्रतापगंज रजबहा निकला है। इसी रजबहा से निकली करीब आठ किमी. लंबी प्रतापगंज माइनर किसानों के लिए बेमकसद साबित हो रही है। इस माइनर से डमौ...