बिहारशरीफ, सितम्बर 7 -- कुशोत्पाटिनी अमावस्या 10 को, सालभर के कर्मकांड के लिए कुशा उखाड़ेंगे पुरोहित अमावस्या के दिन विधि-विधान से संग्रहित कुशा से पूजा, श्राद्ध, तर्पण और यज्ञ में बनती है पवित्री पावापुरी, निज संवाददाता। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अमावस्या 10 सितंबर गुरुवार को मनाई जाएगी। इसे कुशोत्पाटिनी, कुशग्रहणी और पिठौरी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन धार्मिक अनुष्ठानों में विशेष महत्व रखने वाली कुशा घास को विधि-विधान से उखाड़कर सुरक्षित रखने की परंपरा है। पुरोहित और ब्राह्मण परिवार इस दिन कुशा एकत्रित कर पूरे साल होने वाले पूजा-पाठ और कर्मकांड में इसका उपयोग करते हैं। स्नान दान की अमावस्या शुक्रवार को होगी। पंडित सूर्यमणि पांडेय कहते हैं कि कुशा को सनातन परंपरा में अत्यंत पवित्र माना गया है। पूजा, यज्ञ, हवन, संकल्प, आचमन, तर्प...