नई दिल्ली।, अगस्त 30 -- पश्चिमी एशिया की राजनीति तेजी से बदल रही है। जब कुवैत ने पाकिस्तान के साथ रक्षा समझौता किया तो इसे भारत के लिए एक खतरा माना जाने लगा था। हालांकि, इसके ठीक अगले ही दिन कुवैत ने पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया और अपने एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल को नई दिल्ली भेजा। इसने भारत के साथ पहली संयुक्त रक्षा समिति (जेडीसी) की बैठक में भाग लिया। इस द्विपक्षीय वार्ता का मुख्य उद्देश्य सैन्य प्रशिक्षण, संयुक्त युद्धाभ्यास, रक्षा उद्योग और अनुसंधान एवं विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दोनों देशों के सहयोग को बढ़ाना है। रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, नई दिल्ली में आयोजित इस उद्घाटन बैठक ने दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को व्यावहारिक धरातल पर उतारने का काम किया है। यह पहल दिसंबर 2024 में भारत के प्रधानमंत्री...