गोरखपुर, अप्रैल 19 -- गोरखपुर। रविवार को मकतब इस्लामियात तुर्कमानपुर में इस्लामी बहनों के लिए साप्ताहिक दर्स-ए-कुरआन (व्याख्यान) का शुभारंभ किया गया। इस्लामी बहनों ने हिस्सा लेकर अपने दीनी जज्बे का इजहार किया। दर्स-ए-कुरआन का शुभारंभ करते हुए तहरीक उलमा-ए-हिंद राजस्थान के चेयरमैन मुफ्ती खालिद अय्यूब मिस्बाही नक्शबंदी ने कहा कि कुरआन पवित्र ग्रंथ न केवल इबादत के लिए है, बल्कि पूरी मानवता के लिए जीवन जीने का एक मार्गदर्शक है। दर्स संयोजक हाफिज रहमत अली निजामी ने कहा कि कुरआन को सिर्फ पढ़ना ही नहीं, बल्कि समझकर और गौर-ओ-फिक्र के साथ पढ़ना चाहिए ताकि उसकी शिक्षाओं को दैनिक जीवन में अमल (लागू) किया जा सके। यह भी पढ़ें- मदरसों-मस्जिदों के दस्तावेज पूरे रखें, लेन-देन ठीक हो : पर्सनल लॉ बोर्ड कार्यक्रम में ज्या वारसी, शिफा खातून, सना फातिमा, फिजा...