हल्द्वानी, अगस्त 28 -- - 300 पौधों से सालाना 25 हजार तक अतिरिक्त आय हल्द्वानी, संवाददाता। कुमाऊं मंडल में पारंपरिक खेती के साथ रेशम कीट पालन यानी सेरीकल्चर किसानों की आमदनी बढ़ाने का बेहतर जरिया बन रहा है। मंडल के करीब तीन हजार किसान रेशम उत्पादन से जुड़े हैं और कम लागत में अतिरिक्त आय हासिल कर रहे हैं। रेशम विभाग के मुताबिक मंडल में शहतूती रेशम कोया उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में विभाग ने 99,100 किलोग्राम कोया उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जिसमें बसंत फसल के दौरान अब तक 47,808 किलोग्राम उत्पादन हो चुका है।

उत्पादन के आंकड़े आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2023-24 में मंडल में 89,652 किलोग्राम कोया उत्पादन हुआ था, जो 2025-26 में बढ़कर 92,572 किलोग्राम पहुंच गया। इस बढ़ते उत्पादन के बीच विभाग अब अधिक किसानों को सेरीकल...