लोहरदगा, दिसम्बर 14 -- लोहरदगा, संवाददाता। लोहरदगा जिले में कुपोषण उपचार केंद्र खुलने के बाद कुपोषण की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। बच्चे कुपोषण को मात देकर स्वास्थ्य हो रहे हैं, जिससे उनके स्वजनों में खुशी है। कुपोषण केंद्रों में बच्चे मुरझायी स्थिति में आते हैं, लेकिन जब जाते हैं, तो उनके चेहरे की रंगत बदली हुई होती है। केंद्रों में महज 15 दिनों में ही बच्चों के शारीरिक और बौद्धिक विकास में अंतर आने लगता है। कुपोषण केंद्र में पहुंचते ही बच्चे का वजन और उम्र के अनुसार मेन्यू तैयार किया जाता है। साथ ही काउंसलर की देखरेख में बच्चों को व्यायाम और खेल के माध्यम से शारीरिक विकास संभव होता है। जिले के किस्को, भंडरा और सदर में तीन कुपोषण उपचार केंद्र संचालित हैं जहां कुपोषित बच्चों को संजीवनी प्रदान किया जा रहा है। वर्तमान में इन केंद्रों...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.