अमरोहा, अगस्त 24 -- राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम के प्रयासों से सुखकर पिंजर हुई कुपोषित बच्ची की जिंदगी बच गई। महीनेभर से चारपाई पर निढाल पड़ी बच्ची को अब चलता-फिरता देखकर उसके परिजनों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है। ब्लाक क्षेत्र के गांव जब्दी में पेशे से मजदूर सतीश कुमार का परिवार रहता है। यह भी पढ़ें- मां को डर था बेटी कभी अपने पैरों पर नहीं चल पाएगी, सरकारी योजना ने थामा हाथ तो सिफत के कदमों ने फिर देखे सपनेपरिवार की स्थिति उनकी तीन बेटियों में दूसरे नंबर की करीब साढ़े तीन साल की दृश्या को गंभीर कुपोषण के चलते वह चलने-फिरने से लाचार और सूखकर पिंजर होने के साथ ही महीनेभर से बिस्तर पर थी। अपनी माली हालत के चलते इलाज कराने से लाचार सतीश और उसकी पत्नी रजनी बेटी की हालत देखकर दुखी रहा करते थे। इसी दौरान जब्दी स्वास्थ्य उपकेंद्र...