कुपोषण मुक्त किशनगंज के लिए सामुदायिक भागीदारी होगी सबसे बड़ी शक्ति : डीएम
किशनगंज, जुलाई 19 -- किशनगंज। निज संवाददाता किसी भी समाज की प्रगति इस बात से तय होती है कि उसके बच्चे कितने स्वस्थ, सुरक्षित और पोषित हैं। गंभीर तीव्र कुपोषण (एसएएम) से ग्रसित बच्चे संक्रमण, निमोनिया, दस्त, एनीमिया तथा अन्य गंभीर चिकित्सीय जटिलताओं के कारण मृत्यु के सबसे अधिक जोखिम वाले वर्ग में आते हैं। ऐसे बच्चों के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) केवल उपचार केंद्र नहीं, बल्कि जीवनरक्षक स्वास्थ्य व्यवस्था के रूप में कार्य कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य-2 (भूख की समाप्ति, खाद्य सुरक्षा और बेहतर पोषण सुनिश्चित करना) तथा सतत विकास लक्ष्य-3 सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए स्वस्थ जीवन एवं कल्याण सुनिश्चित करना की प्राप्ति में एनआरसी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार ने ...
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