बरेली, मार्च 22 -- पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह साफ हो गया कि एक महीने की बच्ची कुपोषण के साथ बीमारी का भी शिकार थी। मां-बाप की गैरमौजूदगी में करीब छह घंटे तक दूध नहीं मिला तो वह भूख नहीं बर्दाश्त कर सकी और उसकी मौत हो गई। ईद के दिन बच्ची की मौत होने से परिवार में कोहराम मच गया है। शादाब और हिना उर्फ साइन के तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ा चार साल का बेटा, फिर दो साल की बेटी और एक महीने की बेटी है। एक महीने की बेटी का गर्भवस्था का समय पूरा नहीं हुआ और सात महीने में ही जन्म हो गया। डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अहमद अंसारी का कहना है कि ऐसे बच्चों आमतौर पर कुपोषित हो जाते हैं। उनके फेफड़े भी पूरी तरह विकसित नहीं होते, जिसके चलते विशेष देखभाल की जरूरत होती है। मगर शादाब और हिना काफी गरीब हैं, वे भीख मांगकर अपना गुजारा करते हैं। ऐसे में बच्ची सेप्टीसीमिया की श...
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