लखनऊ, अप्रैल 9 -- मलिहाबाद, संवाददाता। विश्व प्रसिद्ध आम की बेल्ट मलिहाबाद में इस बार 'इंद्र देव' की बेरुखी बागवानों पर भारी पड़ रही है। मौसम के बदलते मिजाज और हालिया झंझावातों ने आम की फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुँचाया है, जिससे क्षेत्र के हजारों बागवानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। जब बागों में बौर (आम के फूल) लदे थे, तब बागवानों की आंखों में सुनहरे सपने थे। किसी को अपनी बेटी की शादी करनी थी, तो किसी को नया घर बनवाना था। लेकिन आंधी और बेमौसम बारिश ने खिलते हुए बौर को जमीन पर बिछा दिया। केवलहार गाँव के बागवान जहीर खाँ बताते हैं कि आंधी के कारण बौर झड़ गए हैं, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने बताय कि 'अगमन' बौर की फसल अब आकार ले रही है और स्वस्थ है, लेकिन 'पछमन' बौर के लिए आने वाला एक सप्ताह बेहद संवेदनशील है।ढेढ...
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