नई दिल्ली, मई 23 -- राजस्थान के जंगलों में इस समय सब कुछ सामान्य दिख रहा है पेड़ों के बीच सन्नाटा, पानी के किनारे वन्यजीवों की हलचल और टाइगर मूवमेंट पर नजर रखती टीमें। लेकिन इस शांत तस्वीर के पीछे एक ऐसा खतरा छिपा है, जो दिखाई नहीं देता. और अगर समय रहते नहीं रोका गया, तो इसका असर जंगल के सबसे ताकतवर शिकारी तक पहुंच सकता है। मध्यप्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में लगातार बाघों और तेंदुओं की मौतों के बाद अब राजस्थान का वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। वजह है कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV)। यह वही वायरस है, जो आमतौर पर कुत्तों में फैलता है, लेकिन वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार यह बाघ, तेंदुआ और दूसरे मांसाहारी वन्यजीवों तक भी पहुंच सकता है।रणथंभौर में अचानक बढ़ी सतर्कता नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथॉरिटी (NTCA) की एडवाइजरी मिलते ही रणथंभौर टाइगर...