रामगढ़, जुलाई 4 -- केदला, निज प्रतिनिधि। कुछ यूनियन इंटक का विरोध कर रहे हैं वह पूरी तरह से दुर्भाग्यपूर्ण, निराधार एवं श्रमिक हितों के विरुद्ध है। यदि वे न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद भ्रामक जानकारी प्रसारित कर रहे हैं तो यह केवल मजदूरों को दिग्भ्रमित करने का प्रयास है। जिसकी हम कड़ी निंदा करते हैं। उक्त बातें शनिवार को आरसीएमयु (इटंक) हजारीबाग क्षेत्र के क्षेत्रीय सह सचिव महेन्द्र किशोर महतो ने प्रेस बयान जारी कर कहा। उन्होंने कहा कि 23 अप्रैल 2026 को माननीय उच्च न्यायालय दिल्ली ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि संजीवा रेड्डी के नेतृत्व वाला इंटक ही वैध इंटक है। ऐसी स्थिति में यह समझ से परे है कि कुछ यूनियन के साथी न्यायालय के इस आदेश से अनभिज्ञ हैं या जानबूझकर उसे नजर अंदाज कर रहे हैं। श्रमिक संगठनों का दायित्व मजदूरों की समस्याओं...