लातेहार, मई 28 -- महुआडांड़, प्रतिनिधि। नेतरहाट से महज आठ किलोमीटर दूर स्थित नैना गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। गांव का एकमात्र सरकारी कुआं 18 मई को धंस जाने के बाद करीब 300 की आबादी पिछले 10 दिनों से पानी की गंभीर समस्या से जूझ रही है। स्थिति यह है कि गांव के 60 परिवारों के सामने पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। यह भी पढ़ें- देवरागानी में पानी के लिए हाहाकार,मंत्री लिंडा ने दी डीप बोरिंग की सौगातग्रामीणों की शिकायतें ग्रामीणों का आरोप है कि जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड स्तर तक के अधिकारियों को मामले की पूरी जानकारी है, इसके बावजूद गांव में न तो पानी का टैंकर भेजा गया है और न ही वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बोरिंग कार्य शुरू कराया गया है। गर्मी के इस मौसम में महिलाएं और छोटे-छोटे ...